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    प्राचीन ग्रंथों में वर्णित वृषभ राशि का रूप: बैल

    साप्ताहिक राशिफल · सप्ताह 43

    वृषभ राशि का साप्ताहिक राशिफल: 19–25 अक्टूबर 2026

    गुरु कर्क राशि में आपके तीसरे भाव में है। पद और योजनाओं में रुकावट आ सकती है। ज़ोर-ज़बरदस्ती के बजाय धैर्य से काम लें।

    शुभ दिन: गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार

    इस सप्ताह चंद्राष्टम नहीं

    किसी दिन पर टैप करें

    यह वृषभ राशि का 19 से 25 अक्टूबर 2026 तक का साप्ताहिक राशिफल है, उन सबके लिए जिनके जन्म के समय चंद्रमा वृषभ राशि में था (लाहिरी अयनांश)।

    यह आपकी राशि नहीं?

    वृषभ राशि का यह सप्ताह कैसा रहेगा

    वृषभ राशि से सूर्य, मंगल, शुक्र और बुध का गोचर

    यह राशिफल गोचर पर आधारित है। शास्त्रीय ग्रंथों के अनुसार हर ग्रह को चंद्र राशि से गिना गया है। गणना निरयन राशिचक्र और लाहिरी अयनांश (24.23°) से की गई है। दिन और समय भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार हैं।

    शुभ दिन और चंद्राष्टम

    हर दिन सूर्योदय के समय वृषभ राशि से चंद्रमा का गोचर

    • सोम19चंद्रमा मकर में, आपके नौवें भाव में
    • मंगल20चंद्रमा मकर में, आपके नौवें भाव में
    • बुध21चंद्रमा मकर में, आपके नौवें भाव मेंचंद्रमा का कुंभ में प्रवेश सुबह 7:00शुभ समयसुबह 7:00 से
    • गुरु22चंद्रमा कुंभ में, आपके दसवें भाव मेंशुभ दिन
    • शुक्र23चंद्रमा कुंभ में, आपके दसवें भाव मेंशुभ दिन
    • शनि24चंद्रमा मीन में, आपके ग्यारहवें भाव मेंशुभ दिन
    • रवि25चंद्रमा मीन में, आपके ग्यारहवें भाव मेंचंद्रमा का मेष में प्रवेश शाम 7:22शुभ दिनशाम 7:22 तक

    अर्धचंद्र के निशान वाले दिन चंद्रमा राशि बदलता है। दिए गए समय पर शुभ समय या चंद्राष्टम शुरू होता है या समाप्त होता है।

    इस सप्ताह चंद्राष्टम नहीं है। पूरे सप्ताह चंद्रमा धनु राशि में नहीं जाएगा, जो वृषभ से आठवीं राशि है।

    जिस दिन सूर्योदय के समय चंद्रमा चंद्र राशि से पहली, तीसरी, छठी, सातवीं, दसवीं या ग्यारहवीं राशि में हो और चंद्राष्टम न हो, वह दिन शुभ माना जाता है।

    वृषभ राशि से शनि, गुरु, राहु और केतु का गोचर

    जीवन के लंबे दौर तय करने वाले ग्रह

    वृषभ राशि का साप्ताहिक राशिफल एक नज़र में

    सप्ताह 43

    वृषभ राशि

    शुभ दिन
    गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार
    चंद्राष्टम
    चंद्राष्टम नहीं
    शनि
    आपके ग्यारहवें भाव में
    गुरु
    आपके तीसरे भाव में · शुभ स्थानों में नहीं

    दिन और समय भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार हैं।

    अपनी राशि नहीं जानते?

    आपकी चंद्र राशि आपकी जन्म तारीख, समय और स्थान से निकलती है। इन्हें बस एक बार भरना होता है। यह साइट आपकी राशि इसी डिवाइस पर याद रखती है।

    अपनी कुंडली के अनुसार सप्ताह का फल जानें

    यह राशिफल उन सभी के लिए है जिनके जन्म के समय चंद्रमा वृषभ राशि में था। आपकी अपनी कुंडली का फल उसके भावों और दशाओं के अनुसार अलग से देखा जाता है।

    AI ज्योतिषी से पूछें कि आपकी कुंडली के अनुसार इसका क्या फल है

    शास्त्रीय पाराशरी और केपी पद्धति पर आधारित, संस्थान की अपनी अष्टकवर्ग गणना के साथ।

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    इस सप्ताह अन्य राशियों का हाल

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

    5 सवाल · जवाब पढ़ने के लिए किसी सवाल पर टैप करें
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    वृषभ राशि वालों का यह सप्ताह कैसा रहेगा?

    वृषभ राशि से गिनें तो गुरु कर्क राशि में आपके तीसरे भाव में है। पद और योजनाओं में रुकावट आ सकती है। ज़ोर-ज़बरदस्ती के बजाय धैर्य से काम लें। इस सप्ताह गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार शुभ रहेंगे। इस सप्ताह चंद्राष्टम नहीं है।

    इस सप्ताह वृषभ राशि के शुभ दिन कौन से हैं?

    गुरुवार, 22 अक्टूबर, शुक्रवार, 23 अक्टूबर, शनिवार, 24 अक्टूबर और रविवार, 25 अक्टूबर। इन दिनों सूर्योदय के समय चंद्रमा वृषभ से पहली, तीसरी, छठी, सातवीं, दसवीं या ग्यारहवीं राशि में रहेगा। शास्त्रीय ग्रंथ इन स्थानों को शुभ मानते हैं, और इन दिनों चंद्राष्टम भी नहीं है।

    वृषभ राशि का चंद्राष्टम इस सप्ताह कब है?

    इस सप्ताह चंद्राष्टम नहीं है। सोमवार से रविवार तक चंद्रमा धनु राशि में नहीं जाएगा, जो वृषभ से आठवीं राशि है।

    क्या वृषभ राशि पर साढ़ेसाती चल रही है?

    नहीं। शनि मीन राशि में है, जो वृषभ से ग्यारहवीं राशि है। साढ़ेसाती तब होती है जब शनि चंद्र राशि से बारहवीं, पहली और दूसरी राशि में गोचर करता है। वृषभ के लिए ये राशियां मेष, वृषभ और मिथुन हैं।

    क्या Taurus और वृषभ राशि एक ही हैं?

    पश्चिमी ज्योतिष में वृषभ राशि को Taurus कहा जाता है। पर यहां राशियां निरयन राशिचक्र से गिनी जाती हैं, जो तारों पर आधारित है, जबकि ज़्यादातर पश्चिमी राशिफल सायन राशिचक्र मानते हैं। दोनों में लगभग 24° का अंतर है। इसलिए निरयन वृषभ राशि का चंद्रमा पश्चिमी कुंडली में अगली राशि में दिख सकता है। पश्चिमी सूर्य राशि तो और भी अलग होती है। पक्का जानने के लिए अपनी जन्म तारीख, समय और स्थान से अपनी चंद्र राशि निकालें।